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Q: क्षितीन्द्रनाथ मजूमदार को कहा जाता है-
  • A. कथा चित्रकार
  • B. सन्त चित्रकार
  • C. रसिया चित्रकार
  • D. इनमें से कोई नही।
Correct Answer: Option B - क्षितीन्द्रनाथ मजूमदार का जन्म 1891ई. में हुआ था। ये भारत के एक प्रसिद्ध चित्रकार थे जिसने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 1942ई. में कला विभाग की स्थापना की थी। क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार वैष्णव धर्म के अनुयायी थे जिसके कारण चैतन्य की चटशाला, चैतन्य का गृहत्याग, पालित मृग आदि चित्रों की रचना की। वैष्णव धर्म से सम्बन्धित होने के कारण इन्हें सन्त कलाकार भी कहा जाता है।
B. क्षितीन्द्रनाथ मजूमदार का जन्म 1891ई. में हुआ था। ये भारत के एक प्रसिद्ध चित्रकार थे जिसने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 1942ई. में कला विभाग की स्थापना की थी। क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार वैष्णव धर्म के अनुयायी थे जिसके कारण चैतन्य की चटशाला, चैतन्य का गृहत्याग, पालित मृग आदि चित्रों की रचना की। वैष्णव धर्म से सम्बन्धित होने के कारण इन्हें सन्त कलाकार भी कहा जाता है।

Explanations:

क्षितीन्द्रनाथ मजूमदार का जन्म 1891ई. में हुआ था। ये भारत के एक प्रसिद्ध चित्रकार थे जिसने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 1942ई. में कला विभाग की स्थापना की थी। क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार वैष्णव धर्म के अनुयायी थे जिसके कारण चैतन्य की चटशाला, चैतन्य का गृहत्याग, पालित मृग आदि चित्रों की रचना की। वैष्णव धर्म से सम्बन्धित होने के कारण इन्हें सन्त कलाकार भी कहा जाता है।