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Q: ‘केशव कहि न जाय का कहिये। देखत तव रचना विचित्र अति समुझि मनहिं मन रहिये।’ उपर्युक्त उद्धरण में किस रस की अभिव्यक्ति है?
  • A. शृंगार
  • B. करुण
  • C. हास्य
  • D. अद्भुत
Correct Answer: Option D - व्याख्या- उपर्युक्त उदाहरण में अद्भुत रस की अभिव्यक्ति है। अद्भुत रस में आश्चर्यजनक बातों का वर्णन किया जाता है। इसका स्थायी भाव ‘विस्मय’ होता है।
D. व्याख्या- उपर्युक्त उदाहरण में अद्भुत रस की अभिव्यक्ति है। अद्भुत रस में आश्चर्यजनक बातों का वर्णन किया जाता है। इसका स्थायी भाव ‘विस्मय’ होता है।

Explanations:

व्याख्या- उपर्युक्त उदाहरण में अद्भुत रस की अभिव्यक्ति है। अद्भुत रस में आश्चर्यजनक बातों का वर्णन किया जाता है। इसका स्थायी भाव ‘विस्मय’ होता है।