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Q: किस उपनिषद् में चारो आश्रमों का सर्वप्रथम उल्लेख आया है?
  • A. मंडूक उपनिषद्
  • B. वृहदारण्यक उपनिषद्
  • C. जवालोपनिषद्
  • D. छान्दोग्य उपनिषद्
Correct Answer: Option C - तीन आश्रमोें का उल्लेख सर्वप्रथम छान्दोग्य उपनिषद में मिलता है तथा चारों आश्रमों का वर्णन सर्वप्रथम जाबालोपनिषद में मिलता है। उत्तर वैदिक काल में ही बहुदेववाद, वासुदेव सम्प्रदाय एवं एवं षड्दर्शनों (सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, पूर्ण मीमांसा व उत्तर मीमांसा) का बीजारोपण हुआ।
C. तीन आश्रमोें का उल्लेख सर्वप्रथम छान्दोग्य उपनिषद में मिलता है तथा चारों आश्रमों का वर्णन सर्वप्रथम जाबालोपनिषद में मिलता है। उत्तर वैदिक काल में ही बहुदेववाद, वासुदेव सम्प्रदाय एवं एवं षड्दर्शनों (सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, पूर्ण मीमांसा व उत्तर मीमांसा) का बीजारोपण हुआ।

Explanations:

तीन आश्रमोें का उल्लेख सर्वप्रथम छान्दोग्य उपनिषद में मिलता है तथा चारों आश्रमों का वर्णन सर्वप्रथम जाबालोपनिषद में मिलता है। उत्तर वैदिक काल में ही बहुदेववाद, वासुदेव सम्प्रदाय एवं एवं षड्दर्शनों (सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, पूर्ण मीमांसा व उत्तर मीमांसा) का बीजारोपण हुआ।