Explanations:
नगर निगम के चुने हुऐ सदस्यों को पार्षद (Councilors) कहते हैं। प्रत्येक शहर को छोटे-छोटे नगर (मोहल्ले) में विभाजित किया गया है और नगर (मोहल्लों) को वार्ड में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक वार्ड के प्रतिनिधि को ही ‘‘पार्षद’’ कहा जाता हैं। इसका चयन सीधे उसी वार्ड की जनता द्वारा किया जाता है। पार्षद का मुख्य कार्य उसी वार्ड से सम्बन्धित समस्याओं की नगर पालिका या नगर परिषद् में पेश करना व इसके बाद परिषद् द्वारा बजट पास करके उस समस्या का हल निकालना है।