Explanations:
जिय समस्त पद का प्रथम पद संख्यावाचक और अंतिम पद संज्ञा होता है तथा किसी समूह या समाहार का बोध करवाता है। वह द्विगु समास कहलाता है अर्थात् संख्यापूर्वो द्विगु:। उदाहरण– चौराहा – चार राहों का समूह नवरत्न – नव रत्नों का समूह सप्तर्षि – सात ऋषियों का समूह