Correct Answer:
Option C - वर्ष 1913 में पटना में अनुशीलन समिति की एक शाखा की स्थापना शचीन्द्रनाथ सान्याल ने की थी और बीएन कॉलेज के बंकिमचन्द्र मित्रा को इसका नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई। ध्यातव्य है कि अनुशीलन समिति भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय बंगाल में बनी अंग्रेज विरोधी, गुप्त क्रांतिकारी संस्था थी, जिसका उद्देश्य बंकिम चन्द्र के द्वारा बताए गए मार्ग का अनुशीलन करना था। इस समिति का शुभारंभ वर्ष 1902 में ‘व्यायामशाला’ के रूप में हुआ था। इस समिति के अध्यक्ष प्रथमनाथ मित्रा और उपाध्यक्ष चितरंजन दास व अरविन्द थे। वर्ष 1907 में कलकत्ता में वारींद्र घोष और भूपेन्द्र नाथ दत्त द्वारा इस समिति का पुर्नगठन किया गया, जिसका उद्देश्य ‘खून के बदले खून’ था।
नोट : सिस्टर निवेदिता इस समिति की एकमात्र महिला सदस्य थी।
C. वर्ष 1913 में पटना में अनुशीलन समिति की एक शाखा की स्थापना शचीन्द्रनाथ सान्याल ने की थी और बीएन कॉलेज के बंकिमचन्द्र मित्रा को इसका नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई। ध्यातव्य है कि अनुशीलन समिति भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय बंगाल में बनी अंग्रेज विरोधी, गुप्त क्रांतिकारी संस्था थी, जिसका उद्देश्य बंकिम चन्द्र के द्वारा बताए गए मार्ग का अनुशीलन करना था। इस समिति का शुभारंभ वर्ष 1902 में ‘व्यायामशाला’ के रूप में हुआ था। इस समिति के अध्यक्ष प्रथमनाथ मित्रा और उपाध्यक्ष चितरंजन दास व अरविन्द थे। वर्ष 1907 में कलकत्ता में वारींद्र घोष और भूपेन्द्र नाथ दत्त द्वारा इस समिति का पुर्नगठन किया गया, जिसका उद्देश्य ‘खून के बदले खून’ था।
नोट : सिस्टर निवेदिता इस समिति की एकमात्र महिला सदस्य थी।