Correct Answer:
Option A - मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय इक्वाइन अनुसंधान केंद्र, हिसार (ICAR-NRC) को ‘इक्वाइन पिरोप्लाज्मोसिस’ के लिए ‘विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन’ के संदर्भ प्रयोगशाला के रूप में चुना गया है। टिक-जनित प्रोटोजोआ परजीवी बेबेसिया कैबली और थेलेरिया इक्वी के कारण होने वाला इक्वाइन पिरोप्लाज्मोसिस, घोड़ों, गधों, खच्चरों और जेबरा को प्रभावित करता है।
A. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय इक्वाइन अनुसंधान केंद्र, हिसार (ICAR-NRC) को ‘इक्वाइन पिरोप्लाज्मोसिस’ के लिए ‘विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन’ के संदर्भ प्रयोगशाला के रूप में चुना गया है। टिक-जनित प्रोटोजोआ परजीवी बेबेसिया कैबली और थेलेरिया इक्वी के कारण होने वाला इक्वाइन पिरोप्लाज्मोसिस, घोड़ों, गधों, खच्चरों और जेबरा को प्रभावित करता है।