Explanations:
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के तहत 1936 में बिहार को एक अलग प्रांत बनाया गया। हालांकि बिहार प्रांत के गठन की मांग बहुत पहले से ही उठ रही थी। 1905 के बंग-भंग के विरुद्ध राष्ट्रीय आन्दोलन के फलस्वरूप बंगाल का प्रशासनिक पुनर्गठन नए ढंग से 1911 में तय हुआ। इस अवधि में पृथक बिहार प्रांत के गठन की भी माँग जोर पकड़ रही थी। 1908 में बिहार प्रादेशिक सभा में मुहम्मद फखरूद्दीन ने बिहार को बंगाल से पृथक कर नये प्रांत के रूप में संगठित करने का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।