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Q: In which year was the ‘Native Marriage Act’ Passed? ‘नेटिव मैरिज एक्ट’ किस वर्ष पारित किया गया था?
  • A. 1870
  • B. 1872
  • C. 1874
  • D. 1876
Correct Answer: Option B - सिविल मैरिज एक्ट या नेटिव मैरिज एक्ट (ब्रह्म मैरिज एक्ट) 1872 ई. में पारित किया गया। इस अधिनियम के द्वारा लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 14 वर्ष और लड़कों की 18 वर्ष निर्धारित की गयी। इस अधिनियम के द्वारा बहुपत्नी प्रथा को भी समाप्त कर दिया गया। इस अधिनियम के पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका केशव चन्द्र सेन की थी। नोट– दि एज ऑफ कान्सेन्ट ऐक्ट मार्च 1891 ई. में बी.एम. मालाबारी के प्रयासों से वायसराय लैन्सडॉउन के समय पारित किया गया। इसके द्वारा 12 वर्ष से कम आयु के लड़कियों के विवाह पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया।
B. सिविल मैरिज एक्ट या नेटिव मैरिज एक्ट (ब्रह्म मैरिज एक्ट) 1872 ई. में पारित किया गया। इस अधिनियम के द्वारा लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 14 वर्ष और लड़कों की 18 वर्ष निर्धारित की गयी। इस अधिनियम के द्वारा बहुपत्नी प्रथा को भी समाप्त कर दिया गया। इस अधिनियम के पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका केशव चन्द्र सेन की थी। नोट– दि एज ऑफ कान्सेन्ट ऐक्ट मार्च 1891 ई. में बी.एम. मालाबारी के प्रयासों से वायसराय लैन्सडॉउन के समय पारित किया गया। इसके द्वारा 12 वर्ष से कम आयु के लड़कियों के विवाह पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया।

Explanations:

सिविल मैरिज एक्ट या नेटिव मैरिज एक्ट (ब्रह्म मैरिज एक्ट) 1872 ई. में पारित किया गया। इस अधिनियम के द्वारा लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 14 वर्ष और लड़कों की 18 वर्ष निर्धारित की गयी। इस अधिनियम के द्वारा बहुपत्नी प्रथा को भी समाप्त कर दिया गया। इस अधिनियम के पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका केशव चन्द्र सेन की थी। नोट– दि एज ऑफ कान्सेन्ट ऐक्ट मार्च 1891 ई. में बी.एम. मालाबारी के प्रयासों से वायसराय लैन्सडॉउन के समय पारित किया गया। इसके द्वारा 12 वर्ष से कम आयु के लड़कियों के विवाह पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया।