Explanations:
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1997 में विशाखा दिशा-निर्देश के रूप में मान्यता दी। बाद में इन्हीं निर्देर्शों के आधार पर कानून बनाया गया। यह अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण प्रदान करने पर जोर देता है।