Correct Answer:
Option C - क्रिया-आधारित अधिगम में शिक्षार्थी सक्रिय रूप से अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर ज्ञान के निर्माण और पुन: निर्माण करते है। इस अधिगम को ‘‘कर के सीखने’’ के रूप में जाना जाता है। यह बालक को स्वयं ज्ञान और अनुभव प्राप्ति का अवसर प्रदान करती है। इस विधि के द्वारा बालक क्रियाशील होकर अधिगम प्रक्रिया में रूचिपूर्ण सहभागिता करता है।
C. क्रिया-आधारित अधिगम में शिक्षार्थी सक्रिय रूप से अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर ज्ञान के निर्माण और पुन: निर्माण करते है। इस अधिगम को ‘‘कर के सीखने’’ के रूप में जाना जाता है। यह बालक को स्वयं ज्ञान और अनुभव प्राप्ति का अवसर प्रदान करती है। इस विधि के द्वारा बालक क्रियाशील होकर अधिगम प्रक्रिया में रूचिपूर्ण सहभागिता करता है।