Correct Answer:
Option A - ईश्वर: सर्वभूतानां हृद्देशे वर्तते। अर्थात् ईश्वर सभी प्राणियों के हृदय में रहता है।
ईश्वर: सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति।
भ्रामयन्सर्वभूतानि यन्त्रारूढानि मायया।।
अर्थात् हे अर्जुन! सभी प्राणियों के हृदय में रहता है तथा माया रूप यन्त्र से आरुढ़ होकर सभी प्राणियों में घूमता रहता है।
A. ईश्वर: सर्वभूतानां हृद्देशे वर्तते। अर्थात् ईश्वर सभी प्राणियों के हृदय में रहता है।
ईश्वर: सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति।
भ्रामयन्सर्वभूतानि यन्त्रारूढानि मायया।।
अर्थात् हे अर्जुन! सभी प्राणियों के हृदय में रहता है तथा माया रूप यन्त्र से आरुढ़ होकर सभी प्राणियों में घूमता रहता है।