Correct Answer:
Option D - किरातार्जुनीयस्य प्रथम सर्गस्य अन्तिम पद्यं मालिनी छन्दसा निबद्धोऽस्ति।
मालिनी छन्द - ‘ननमयययुतेयं मालिनी भोगिलोकै:।’
मालिनी छन्द के प्रत्येक पाद में 15 वर्ण होते हैं। क्रमश: 2 नगण, 1 मगण, 2 यगण। इसमें 8 एवं 7 पर यति होती है। इसमे कुल 15 वर्ण होते हैं।
D. किरातार्जुनीयस्य प्रथम सर्गस्य अन्तिम पद्यं मालिनी छन्दसा निबद्धोऽस्ति।
मालिनी छन्द - ‘ननमयययुतेयं मालिनी भोगिलोकै:।’
मालिनी छन्द के प्रत्येक पाद में 15 वर्ण होते हैं। क्रमश: 2 नगण, 1 मगण, 2 यगण। इसमें 8 एवं 7 पर यति होती है। इसमे कुल 15 वर्ण होते हैं।