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Q: ‘क्रोशेन अनुवाकोऽधीत:’ में तृतीया विभक्ति का प्रयोग किया गया है-
  • A. ‘सहयुक्तेऽप्रधाने’ सूत्र से
  • B. इत्थम्भूत लक्षणे’ सूत्र से
  • C. ‘प्रकृत्यादिभ्य उपसंख्यातम्’ सूत्र से
  • D. अपवर्गे तृतीया’ सूत्र से
Correct Answer: Option D - `क्रोशेन अनुवाकोऽधीत:' में तृतीया विभक्ति का प्रयोग `अपवर्गे तृतीया' सूत्र से हुआ है। फल प्राप्ति अथवा कार्यसिद्धि को `अपवर्ग' कहते हैं। अपवर्ग द्योतित होने पर काल और मार्गवाची शब्दों में अत्यन्त संयोग गम्यमान होने पर तृतीया विभक्ति होती है। यहाँ कोशभर में अनुवाद पढ़ डाला अर्थात् कोश भर में कार्य सिद्धि हो गया। इसलिए `अपवर्गे तृतीया' सूत्र से प्रस्तुत वाक्य में तृतीया विभक्ति का प्रयोग किया गया है।
D. `क्रोशेन अनुवाकोऽधीत:' में तृतीया विभक्ति का प्रयोग `अपवर्गे तृतीया' सूत्र से हुआ है। फल प्राप्ति अथवा कार्यसिद्धि को `अपवर्ग' कहते हैं। अपवर्ग द्योतित होने पर काल और मार्गवाची शब्दों में अत्यन्त संयोग गम्यमान होने पर तृतीया विभक्ति होती है। यहाँ कोशभर में अनुवाद पढ़ डाला अर्थात् कोश भर में कार्य सिद्धि हो गया। इसलिए `अपवर्गे तृतीया' सूत्र से प्रस्तुत वाक्य में तृतीया विभक्ति का प्रयोग किया गया है।

Explanations:

`क्रोशेन अनुवाकोऽधीत:' में तृतीया विभक्ति का प्रयोग `अपवर्गे तृतीया' सूत्र से हुआ है। फल प्राप्ति अथवा कार्यसिद्धि को `अपवर्ग' कहते हैं। अपवर्ग द्योतित होने पर काल और मार्गवाची शब्दों में अत्यन्त संयोग गम्यमान होने पर तृतीया विभक्ति होती है। यहाँ कोशभर में अनुवाद पढ़ डाला अर्थात् कोश भर में कार्य सिद्धि हो गया। इसलिए `अपवर्गे तृतीया' सूत्र से प्रस्तुत वाक्य में तृतीया विभक्ति का प्रयोग किया गया है।