search
Q: करारोपण में समता सामान्यत: संतुष्ट की हुई मानी जाती है–
  • A. आनुपातिक करारोपण द्वारा
  • B. प्रगतिशील करारोपण द्वारा
  • C. प्रतिगामी करारोपण द्वारा
  • D. एकमुश्त कर द्वारा
Correct Answer: Option B - डाल्टन के अनुसार, ‘‘कर किसी सार्वजनिक सत्ता द्वारा लगाया गया एक अनिवार्य अंगदान है, भले ही इसके बदले में करदाताओं को उतनी सेवाएं प्रदान की गई हों अथवा नहीं। यह किसी कानूनी अपराध के दण्डस्वरूप नहीं लगाया जा सकता है।’’करारोपण की मूलत: तीन प्रणालियाँ हैं– (1) प्रगतिशील कर प्रणाली, (2) प्रतिगामी कर प्रणाली तथा (3) आनुपातिक कर प्रणाली। इनमें समता सामान्यत: प्रगतिशील करारोपण द्वारा संतुष्ट की हुई मानी जाती है। अधोगामी कर प्रणाली करारोपण की चौथी कर प्रणाली है जो प्रगतिशील कर प्रणाली तथा आनुपातिक कर प्रणाली का संयोग है।
B. डाल्टन के अनुसार, ‘‘कर किसी सार्वजनिक सत्ता द्वारा लगाया गया एक अनिवार्य अंगदान है, भले ही इसके बदले में करदाताओं को उतनी सेवाएं प्रदान की गई हों अथवा नहीं। यह किसी कानूनी अपराध के दण्डस्वरूप नहीं लगाया जा सकता है।’’करारोपण की मूलत: तीन प्रणालियाँ हैं– (1) प्रगतिशील कर प्रणाली, (2) प्रतिगामी कर प्रणाली तथा (3) आनुपातिक कर प्रणाली। इनमें समता सामान्यत: प्रगतिशील करारोपण द्वारा संतुष्ट की हुई मानी जाती है। अधोगामी कर प्रणाली करारोपण की चौथी कर प्रणाली है जो प्रगतिशील कर प्रणाली तथा आनुपातिक कर प्रणाली का संयोग है।

Explanations:

डाल्टन के अनुसार, ‘‘कर किसी सार्वजनिक सत्ता द्वारा लगाया गया एक अनिवार्य अंगदान है, भले ही इसके बदले में करदाताओं को उतनी सेवाएं प्रदान की गई हों अथवा नहीं। यह किसी कानूनी अपराध के दण्डस्वरूप नहीं लगाया जा सकता है।’’करारोपण की मूलत: तीन प्रणालियाँ हैं– (1) प्रगतिशील कर प्रणाली, (2) प्रतिगामी कर प्रणाली तथा (3) आनुपातिक कर प्रणाली। इनमें समता सामान्यत: प्रगतिशील करारोपण द्वारा संतुष्ट की हुई मानी जाती है। अधोगामी कर प्रणाली करारोपण की चौथी कर प्रणाली है जो प्रगतिशील कर प्रणाली तथा आनुपातिक कर प्रणाली का संयोग है।