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Q: ``करुणस्य मूर्तिरथवा शरीरिणी, विरहव्यथेव वनमेति जानकी–``यह कथन किसका है –
  • A. मुरला
  • B. सीता
  • C. राम
  • D. तमसा
Correct Answer: Option D - तमसा कहती है – पीलापन लिए हुए श्वेत तथा क्षीण कपोलों से मनोहर एवं चञ्चल केशराशि से युक्त मुख धारण करने वाली सीता करुण रस की मूर्ति अथवा मूर्तिमती वेदना की तरह पञ्चवटी में आ रही है।
D. तमसा कहती है – पीलापन लिए हुए श्वेत तथा क्षीण कपोलों से मनोहर एवं चञ्चल केशराशि से युक्त मुख धारण करने वाली सीता करुण रस की मूर्ति अथवा मूर्तिमती वेदना की तरह पञ्चवटी में आ रही है।

Explanations:

तमसा कहती है – पीलापन लिए हुए श्वेत तथा क्षीण कपोलों से मनोहर एवं चञ्चल केशराशि से युक्त मुख धारण करने वाली सीता करुण रस की मूर्ति अथवा मूर्तिमती वेदना की तरह पञ्चवटी में आ रही है।