Correct Answer:
Option B - ‘कारके’ ‘अधिकार सूत्रम्’ वर्तते। अर्थात् ‘कारके’ अधिकार सूत्र है। अत: आगे जो-जो सूत्र कहे जायेंगे, उनमें ‘कारके’ इस पद का सम्बद्ध होता है अर्थात् उन-उन सूत्रों में इसका अधिकार होता है। इसका अधिकार अष्टाध्यायीक्रम से ‘‘तत्प्रयोजको हेतुष्च’’ के पहले तक रहता है।
अत: इसका अधिकार कारके 1/4/23 से 1/4/55 तक रहेगा।
संज्ञा च परिभाषा च विधिर्नियमेव च।
अतिदेशोऽधिकारश्च षङ्विधं सूत्रलक्षणम्।।
B. ‘कारके’ ‘अधिकार सूत्रम्’ वर्तते। अर्थात् ‘कारके’ अधिकार सूत्र है। अत: आगे जो-जो सूत्र कहे जायेंगे, उनमें ‘कारके’ इस पद का सम्बद्ध होता है अर्थात् उन-उन सूत्रों में इसका अधिकार होता है। इसका अधिकार अष्टाध्यायीक्रम से ‘‘तत्प्रयोजको हेतुष्च’’ के पहले तक रहता है।
अत: इसका अधिकार कारके 1/4/23 से 1/4/55 तक रहेगा।
संज्ञा च परिभाषा च विधिर्नियमेव च।
अतिदेशोऽधिकारश्च षङ्विधं सूत्रलक्षणम्।।