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  • A. Triangulation/त्रिकोणन
  • B. Traversing/चक्रमण
  • C. Defining details/परिभाषा विवरण
  • D. Chain surveying/जरीब सर्वेक्षण
Correct Answer: Option D - किसी भी बिन्दु की स्थिति कम-से-कम दो निर्देश बिन्दुओं (reference points) से प्रेक्षण द्वारा ज्ञात करना- इस विधि में R की P और Q से दूरिया PR और QR मापी जाती है। जिस पैमाने पर PQ का आलेखन (Plotting) हुआ है और उसी पैमाने पर P और Q से PR और QR की दूरी के चाप घुमाने से R का आलेखन किया जा सकता है। यह सिद्धान्त जरीब सर्वेक्षण में बहुत काम आता है।
D. किसी भी बिन्दु की स्थिति कम-से-कम दो निर्देश बिन्दुओं (reference points) से प्रेक्षण द्वारा ज्ञात करना- इस विधि में R की P और Q से दूरिया PR और QR मापी जाती है। जिस पैमाने पर PQ का आलेखन (Plotting) हुआ है और उसी पैमाने पर P और Q से PR और QR की दूरी के चाप घुमाने से R का आलेखन किया जा सकता है। यह सिद्धान्त जरीब सर्वेक्षण में बहुत काम आता है।

Explanations:

किसी भी बिन्दु की स्थिति कम-से-कम दो निर्देश बिन्दुओं (reference points) से प्रेक्षण द्वारा ज्ञात करना- इस विधि में R की P और Q से दूरिया PR और QR मापी जाती है। जिस पैमाने पर PQ का आलेखन (Plotting) हुआ है और उसी पैमाने पर P और Q से PR और QR की दूरी के चाप घुमाने से R का आलेखन किया जा सकता है। यह सिद्धान्त जरीब सर्वेक्षण में बहुत काम आता है।