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Q: It is difficult to kill viruses because they विषाणुओं को मारना कठिन है, क्योंकि
  • A. consist of tough protein coat उनमें कठोर प्रोटीन आवरण होता है
  • B. are very small in size/वे आमाप में बहुत छोटे होते है समय बिताते है
  • C. lack cellular structure उनमें कोशिकीय संरचना का अभाव होता है
  • D. spend a lot of time inside the host's cells ये पोषी की कोशिकाओं में अत्यधिक
Correct Answer: Option C - विषाणु (virus) अति–सूक्ष्म, अकोशिकीय तथा विशिष्ट न्यूक्लियों प्रोटीन कण है। इनमें सजीवों के लक्षण जैसे–आनुवंशिक पदार्थ RNA व DNA की उपस्थिति, गुणन तथा निर्जीवों के लक्षण जैसे–जीवद्रव्य व कोशिकांगों का अभाव, अनेक जैविक क्रियाओं–श्वसन, उत्सर्जन आदि का अभाव होना पाया जाता है। अत: इन्हें सजीव एवं निर्जीव के मध्य की कड़ी कहा जाता है। विषाणु जीवित पोषी की कोशिका में पहुँचकर सक्रिय हो जाते हैं। जीवों के समान गुणन करते हैं। क्योंकि इनमें कोशिकीय संरचना का अभाव होता है इसीलिए इन्हें मारना कठिन है।
C. विषाणु (virus) अति–सूक्ष्म, अकोशिकीय तथा विशिष्ट न्यूक्लियों प्रोटीन कण है। इनमें सजीवों के लक्षण जैसे–आनुवंशिक पदार्थ RNA व DNA की उपस्थिति, गुणन तथा निर्जीवों के लक्षण जैसे–जीवद्रव्य व कोशिकांगों का अभाव, अनेक जैविक क्रियाओं–श्वसन, उत्सर्जन आदि का अभाव होना पाया जाता है। अत: इन्हें सजीव एवं निर्जीव के मध्य की कड़ी कहा जाता है। विषाणु जीवित पोषी की कोशिका में पहुँचकर सक्रिय हो जाते हैं। जीवों के समान गुणन करते हैं। क्योंकि इनमें कोशिकीय संरचना का अभाव होता है इसीलिए इन्हें मारना कठिन है।

Explanations:

विषाणु (virus) अति–सूक्ष्म, अकोशिकीय तथा विशिष्ट न्यूक्लियों प्रोटीन कण है। इनमें सजीवों के लक्षण जैसे–आनुवंशिक पदार्थ RNA व DNA की उपस्थिति, गुणन तथा निर्जीवों के लक्षण जैसे–जीवद्रव्य व कोशिकांगों का अभाव, अनेक जैविक क्रियाओं–श्वसन, उत्सर्जन आदि का अभाव होना पाया जाता है। अत: इन्हें सजीव एवं निर्जीव के मध्य की कड़ी कहा जाता है। विषाणु जीवित पोषी की कोशिका में पहुँचकर सक्रिय हो जाते हैं। जीवों के समान गुणन करते हैं। क्योंकि इनमें कोशिकीय संरचना का अभाव होता है इसीलिए इन्हें मारना कठिन है।