Correct Answer:
Option D - रक्त में उपस्थित ‘प्लेटलेट्स’ कणिकाएं रक्त के थक्के जमने और रक्तस्राव को रोकने में सहायक होती है।
● रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है। संरचना के आधार पर रक्त को दो भागों में बाँटा गया है–
प्लाज्मा जो कि रक्त का 55 से 60% भाग होता है और रुधिर कणिकाएँ जो कि रक्त का 40 से 45% भाग है।
● रक्त में तीन प्रकार की कणिकाएँ पाई जाती हैं
1. लाल रक्त कणिकाएँ (RBC)
2 श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC)
3. प्लेटलेट्स
● मानव रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या 2.5 लाख प्रति घन मिलीमीटर होती है। प्लेटलेट्स का कार्य क्षतिग्रस्त भाग से बहते हुए रक्त का थक्का जमाना है।
D. रक्त में उपस्थित ‘प्लेटलेट्स’ कणिकाएं रक्त के थक्के जमने और रक्तस्राव को रोकने में सहायक होती है।
● रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है। संरचना के आधार पर रक्त को दो भागों में बाँटा गया है–
प्लाज्मा जो कि रक्त का 55 से 60% भाग होता है और रुधिर कणिकाएँ जो कि रक्त का 40 से 45% भाग है।
● रक्त में तीन प्रकार की कणिकाएँ पाई जाती हैं
1. लाल रक्त कणिकाएँ (RBC)
2 श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC)
3. प्लेटलेट्स
● मानव रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या 2.5 लाख प्रति घन मिलीमीटर होती है। प्लेटलेट्स का कार्य क्षतिग्रस्त भाग से बहते हुए रक्त का थक्का जमाना है।