Correct Answer:
Option B - प्लेटो (428-427 ईसा पूर्व - 343- 347 ईसा पूर्व) या अफ्लातून, यूनान का प्रसिद्ध दार्शनिक था। वह सुकरात का शिष्य तथा अरस्तू का गुरू था। इन तीन दार्शनिकों की त्रयी ने ही पश्चिमी संस्कृति का दार्शनिक आधार तैयार किया। यूरोप में ध्वनियों के वर्गीकरण का श्रेय प्लेटो को ही प्राप्त है। प्लेटो के अनुसार ‘‘कला’’ अनुकरण है और सत्य से दोहरी दूर रहती है।
B. प्लेटो (428-427 ईसा पूर्व - 343- 347 ईसा पूर्व) या अफ्लातून, यूनान का प्रसिद्ध दार्शनिक था। वह सुकरात का शिष्य तथा अरस्तू का गुरू था। इन तीन दार्शनिकों की त्रयी ने ही पश्चिमी संस्कृति का दार्शनिक आधार तैयार किया। यूरोप में ध्वनियों के वर्गीकरण का श्रेय प्लेटो को ही प्राप्त है। प्लेटो के अनुसार ‘‘कला’’ अनुकरण है और सत्य से दोहरी दूर रहती है।