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Q: ‘कामायनी’ के सर्गो का सही अनुक्रम क्या है?
  • A. श्रद्धा, लज्जा, दर्शन, इड़ा, निर्वेद
  • B. श्रद्धा, लज्जा, इड़ा, निर्वेद, दर्शन
  • C. लज्जा, श्रद्धा, निर्वेद, इड़ा, दर्शन
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘कामायनी’ को पंद्रह सर्गो में विभाजित किया गया है। जो इस प्रकार है- चिंता, आशा, श्रद्धा, काम, वासना, लज्जा, कर्म, ईष्र्या, इडा, स्वप्न, संघर्ष, निर्वेद, दर्शन, रहस्य और आनन्द।
B. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘कामायनी’ को पंद्रह सर्गो में विभाजित किया गया है। जो इस प्रकार है- चिंता, आशा, श्रद्धा, काम, वासना, लज्जा, कर्म, ईष्र्या, इडा, स्वप्न, संघर्ष, निर्वेद, दर्शन, रहस्य और आनन्द।

Explanations:

जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘कामायनी’ को पंद्रह सर्गो में विभाजित किया गया है। जो इस प्रकार है- चिंता, आशा, श्रद्धा, काम, वासना, लज्जा, कर्म, ईष्र्या, इडा, स्वप्न, संघर्ष, निर्वेद, दर्शन, रहस्य और आनन्द।