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Q: जयदेव: कस्य ग्रन्थस्य प्रणेता मन्यते?
  • A. काव्यानुशासनस्य
  • B. दशरूपकस्य
  • C. चन्द्रालोकस्य
  • D. उपर्युक्तेषु एकस्मात् अधिकम्
  • E. उपर्युक्तेषु कश्चन अपि नास्ति
Correct Answer: Option C - जयदेव: चन्द्रालोकस्य ग्रन्थस्य प्रणेता मन्यते। जयदेव चन्द्रालोक ग्रन्थ के प्रणेता हैं। यह चन्द्रालोक काव्यशास्त्र से संबन्धित है। इनका एक नाटक ग्रन्थ ‘‘प्रसन्न राघव’’ भी प्राप्त होता है। काव्यानुशासन काव्यशास्त्र ग्रन्थ के प्रणेता हेमचन्द्र हैं। दश रूपक ग्रन्थ के प्रणेता आचार्य धनञ्जय हैं।
C. जयदेव: चन्द्रालोकस्य ग्रन्थस्य प्रणेता मन्यते। जयदेव चन्द्रालोक ग्रन्थ के प्रणेता हैं। यह चन्द्रालोक काव्यशास्त्र से संबन्धित है। इनका एक नाटक ग्रन्थ ‘‘प्रसन्न राघव’’ भी प्राप्त होता है। काव्यानुशासन काव्यशास्त्र ग्रन्थ के प्रणेता हेमचन्द्र हैं। दश रूपक ग्रन्थ के प्रणेता आचार्य धनञ्जय हैं।

Explanations:

जयदेव: चन्द्रालोकस्य ग्रन्थस्य प्रणेता मन्यते। जयदेव चन्द्रालोक ग्रन्थ के प्रणेता हैं। यह चन्द्रालोक काव्यशास्त्र से संबन्धित है। इनका एक नाटक ग्रन्थ ‘‘प्रसन्न राघव’’ भी प्राप्त होता है। काव्यानुशासन काव्यशास्त्र ग्रन्थ के प्रणेता हेमचन्द्र हैं। दश रूपक ग्रन्थ के प्रणेता आचार्य धनञ्जय हैं।