Correct Answer:
Option D - ‘कामायानी: एक पुनर्विचार’ नामक आलोचना ग्रंथ के लेखक ‘गजानन माधव मुक्तिबोध’ हैं। नयी कविता का आत्मसंघर्ष तथा अन्य निबंध, नये साहित्य का सौन्दर्यशास्त्र आदि इनके अन्य महत्त्वपूर्ण समीक्षात्मक ग्रंथ हैं। रामस्वरूप चतुर्वेदी ने हिन्दी नवलेखन, भाषा और संवेदना, कामायनी का पुनर्मूल्यांकन, प्रसाद निराला अज्ञेय, कविता का पक्ष आदि समीक्षात्मक ग्रंथ लिखा। रामविलास शर्मा के प्रमुख समीक्षात्मक ग्रंथ हैं– प्रेमचन्द्र, भारतेन्दु युग, निराला, प्रगति और परम्परा, प्रगतिशील साहित्य की समस्याएँ आदि। डॉ. नगेन्द्र की प्रमुख आलोचनात्मक कृतियाँ हैं– सुमित्रानंदन पंत, साकेत: एक अध्ययन, रीतिकाव्य की भूमिका, रस सिद्धान्त, नयी समीक्षा: नये संदर्भ, साहित्य का समाजशास्त्र आदि।
D. ‘कामायानी: एक पुनर्विचार’ नामक आलोचना ग्रंथ के लेखक ‘गजानन माधव मुक्तिबोध’ हैं। नयी कविता का आत्मसंघर्ष तथा अन्य निबंध, नये साहित्य का सौन्दर्यशास्त्र आदि इनके अन्य महत्त्वपूर्ण समीक्षात्मक ग्रंथ हैं। रामस्वरूप चतुर्वेदी ने हिन्दी नवलेखन, भाषा और संवेदना, कामायनी का पुनर्मूल्यांकन, प्रसाद निराला अज्ञेय, कविता का पक्ष आदि समीक्षात्मक ग्रंथ लिखा। रामविलास शर्मा के प्रमुख समीक्षात्मक ग्रंथ हैं– प्रेमचन्द्र, भारतेन्दु युग, निराला, प्रगति और परम्परा, प्रगतिशील साहित्य की समस्याएँ आदि। डॉ. नगेन्द्र की प्रमुख आलोचनात्मक कृतियाँ हैं– सुमित्रानंदन पंत, साकेत: एक अध्ययन, रीतिकाव्य की भूमिका, रस सिद्धान्त, नयी समीक्षा: नये संदर्भ, साहित्य का समाजशास्त्र आदि।