Correct Answer:
Option A - वात्स्यायन कृति, कामसूत्र, नामक ग्रन्थ की एक टीका जयपुर निवासी यशोधर पंडित ने ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी में लिखी थी। इस ग्रन्थ में 64 कलाओं के अन्तर्गत ‘आलेखन का विचार करते हुए यशोधर पंडित ने कहा है कि आलेखन चित्र को कहते है और उसके छ: अंग है- रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्य, योजना, सदृश्य और वर्णिकाभंग।
A. वात्स्यायन कृति, कामसूत्र, नामक ग्रन्थ की एक टीका जयपुर निवासी यशोधर पंडित ने ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी में लिखी थी। इस ग्रन्थ में 64 कलाओं के अन्तर्गत ‘आलेखन का विचार करते हुए यशोधर पंडित ने कहा है कि आलेखन चित्र को कहते है और उसके छ: अंग है- रूपभेद, प्रमाण, भाव, लावण्य, योजना, सदृश्य और वर्णिकाभंग।