Explanations:
कुमारपालित, पात्र के रूप में कादम्बरी में वर्णित है। अर्थात् राजा शूद्रक के प्रधान अमात्य कुमारपालित थे। इनका वर्णन कादम्बरी में मिलता है। कादम्बरी बाणभट्ट कृत काव्यविधा की दृष्टि से कथा है जिसमें राजा शूद्रक के तीनों जन्मों की कथा का वर्णन इस ग्रन्थ कथा काव्य में मिलता है। वैशम्पायन राजा शूद्रक का मित्र था। पुण्डरीक वैशम्पायन के ही पूर्व जन्म का नाम है। अत: स्पष्टत: सिद्ध है कि कुमारपालित राजा शूद्रक के ही मन्त्री (अमात्य) थे।