Correct Answer:
Option D - कालिदास हजारा, वारवधू विनोद, जंजीराबन्द, राधामाधव बुध मिलन-विनोद नामक मुक्तक काव्य ग्रंथ रीतिकालीन कवि कालिदास त्रिवेदी द्वारा रचित है। कविकुल कल्पतरु, रसविलास, काव्य विवेक, शृंगारमंजरी, काव्य प्रकाश आदि चिंतामणि की रचनाएँ हैं। सुजान हित प्रबन्ध, वियोगबेलि, इश्कलता, यमुनायश, प्रीति पावस आदि घनानंद की रचनाएं हैं।
D. कालिदास हजारा, वारवधू विनोद, जंजीराबन्द, राधामाधव बुध मिलन-विनोद नामक मुक्तक काव्य ग्रंथ रीतिकालीन कवि कालिदास त्रिवेदी द्वारा रचित है। कविकुल कल्पतरु, रसविलास, काव्य विवेक, शृंगारमंजरी, काव्य प्रकाश आदि चिंतामणि की रचनाएँ हैं। सुजान हित प्रबन्ध, वियोगबेलि, इश्कलता, यमुनायश, प्रीति पावस आदि घनानंद की रचनाएं हैं।