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Q: .
  • A. हाइड्रोजन परॉक्साइड
  • B. नाइट्रोजन मोनोऑक्साइड
  • C. कार्बन डाइऑक्साइड
  • D. सल्फर डाइऑक्साइड
Correct Answer: Option D - सल्फर डाई ऑक्साइड (SO₂) गैस के वर्षा के पानी में घुलने से वर्षा का पानी अम्लीय हो जाता है। ऐसी वर्षा अम्लीय वर्षा कहलाती है। अम्ल वर्षा जलीय व स्थलीय दोनों प्रकार के जीवों को प्रभावित करती है। यह इमारतों तथा स्मारकों को भी हानि पहुँचाती है। इसके अलावा परितंत्र, मृदा, कृषि पाइपलाइन के क्षरण, भूमिगत जल स्रोत पर भी प्रभाव डालती है। मथुरा तेलशोधक कारखाने से निकलने वाली SO₂ गैस ही आगरा के ताजमहल की तबाही का कारण बनी हुई है।
D. सल्फर डाई ऑक्साइड (SO₂) गैस के वर्षा के पानी में घुलने से वर्षा का पानी अम्लीय हो जाता है। ऐसी वर्षा अम्लीय वर्षा कहलाती है। अम्ल वर्षा जलीय व स्थलीय दोनों प्रकार के जीवों को प्रभावित करती है। यह इमारतों तथा स्मारकों को भी हानि पहुँचाती है। इसके अलावा परितंत्र, मृदा, कृषि पाइपलाइन के क्षरण, भूमिगत जल स्रोत पर भी प्रभाव डालती है। मथुरा तेलशोधक कारखाने से निकलने वाली SO₂ गैस ही आगरा के ताजमहल की तबाही का कारण बनी हुई है।

Explanations:

सल्फर डाई ऑक्साइड (SO₂) गैस के वर्षा के पानी में घुलने से वर्षा का पानी अम्लीय हो जाता है। ऐसी वर्षा अम्लीय वर्षा कहलाती है। अम्ल वर्षा जलीय व स्थलीय दोनों प्रकार के जीवों को प्रभावित करती है। यह इमारतों तथा स्मारकों को भी हानि पहुँचाती है। इसके अलावा परितंत्र, मृदा, कृषि पाइपलाइन के क्षरण, भूमिगत जल स्रोत पर भी प्रभाव डालती है। मथुरा तेलशोधक कारखाने से निकलने वाली SO₂ गैस ही आगरा के ताजमहल की तबाही का कारण बनी हुई है।