search
Q: राम रमापति कर धनु लेहु– यहाँ कौन सा अलंकार है?
  • A. यमक
  • B. श्लेष
  • C. अनुप्रास
  • D. वक्रोक्ति
Correct Answer: Option C - ‘राम रमापति कर धनु लेहु’ पंक्ति में ‘अनुप्रास अलंकार’ है। अनुप्रास दो शब्दों से मिलकर बना है। अनु ± प्रास ‘अनु’ का अर्थ है– बार-बार तथा ‘प्रास’ का अर्थ ‘वर्ण’ होता है। अर्थात् ‘किसी वर्ण के बार-बार आवृत्ति होने से जो चमत्कार उत्पन्न होता है, वहाँ अनुप्रास अलंकार कहते हैं।’ उदाहरण– ‘‘तरनि–तनूजा तट तमाल तरुवर बहुछाये।’’
C. ‘राम रमापति कर धनु लेहु’ पंक्ति में ‘अनुप्रास अलंकार’ है। अनुप्रास दो शब्दों से मिलकर बना है। अनु ± प्रास ‘अनु’ का अर्थ है– बार-बार तथा ‘प्रास’ का अर्थ ‘वर्ण’ होता है। अर्थात् ‘किसी वर्ण के बार-बार आवृत्ति होने से जो चमत्कार उत्पन्न होता है, वहाँ अनुप्रास अलंकार कहते हैं।’ उदाहरण– ‘‘तरनि–तनूजा तट तमाल तरुवर बहुछाये।’’

Explanations:

‘राम रमापति कर धनु लेहु’ पंक्ति में ‘अनुप्रास अलंकार’ है। अनुप्रास दो शब्दों से मिलकर बना है। अनु ± प्रास ‘अनु’ का अर्थ है– बार-बार तथा ‘प्रास’ का अर्थ ‘वर्ण’ होता है। अर्थात् ‘किसी वर्ण के बार-बार आवृत्ति होने से जो चमत्कार उत्पन्न होता है, वहाँ अनुप्रास अलंकार कहते हैं।’ उदाहरण– ‘‘तरनि–तनूजा तट तमाल तरुवर बहुछाये।’’