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Q: ‘‘कक्षा में मुझे दूसरों से दूर बैठना पड़ता था, वह भी जमीन पर ...... कभी-कभी वे मुझे बिना किसी कारण के पीटते थे’’। कक्षा में ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा ‘जूठन’ से लिए गए उद्धरण के उपयोग से आप विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करेंगे:
  • A. लेख की व्याख्या तथा समझने के लिए।
  • B. वाल्मीकि के प्रति विद्यार्थियोें के व्यवहार का विश्लेषण करने के लिए।
  • C. क्यों वाल्मीकि के साथ-इस प्रकार का व्यवहार किया गया इसका तर्क देने के लिए।
  • D. वाल्मीकि के अनुभवों पर आत्मविश्लेषण के लिए।
Correct Answer: Option D - कक्षा में मुझे दूसरों से दूर बैठना पड़ता था, वह भी जमीन पर ....... कभी-2 वे मुझे बिना किसी कारण के पीटते थे। कक्षा में ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा ‘जूठन’ से लिए गए उद्धरण के उपयोग से आप विद्यार्थियों को वाल्मीकि के अनुभवों पर आत्मविश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। ओमप्रकाश वाल्मीकि एक भारतीय लेखक और कवि थे। अपनी आत्मकथा के लिए विख्यात ‘जूठन’ को दलित साहित्य में मील का पत्थर माना जाता है। इनका जन्म उ०प्र० के मुजफ्फरनगर जिले के बरला गांव में हुआ था। इनकी अन्य रचना जैसे- सदियो का संताप है।
D. कक्षा में मुझे दूसरों से दूर बैठना पड़ता था, वह भी जमीन पर ....... कभी-2 वे मुझे बिना किसी कारण के पीटते थे। कक्षा में ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा ‘जूठन’ से लिए गए उद्धरण के उपयोग से आप विद्यार्थियों को वाल्मीकि के अनुभवों पर आत्मविश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। ओमप्रकाश वाल्मीकि एक भारतीय लेखक और कवि थे। अपनी आत्मकथा के लिए विख्यात ‘जूठन’ को दलित साहित्य में मील का पत्थर माना जाता है। इनका जन्म उ०प्र० के मुजफ्फरनगर जिले के बरला गांव में हुआ था। इनकी अन्य रचना जैसे- सदियो का संताप है।

Explanations:

कक्षा में मुझे दूसरों से दूर बैठना पड़ता था, वह भी जमीन पर ....... कभी-2 वे मुझे बिना किसी कारण के पीटते थे। कक्षा में ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा ‘जूठन’ से लिए गए उद्धरण के उपयोग से आप विद्यार्थियों को वाल्मीकि के अनुभवों पर आत्मविश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। ओमप्रकाश वाल्मीकि एक भारतीय लेखक और कवि थे। अपनी आत्मकथा के लिए विख्यात ‘जूठन’ को दलित साहित्य में मील का पत्थर माना जाता है। इनका जन्म उ०प्र० के मुजफ्फरनगर जिले के बरला गांव में हुआ था। इनकी अन्य रचना जैसे- सदियो का संताप है।