Correct Answer:
Option C - रमा द्वारा कक्षा–III के छात्रों को परिवार के विभिन्न स्वरूपों को बताने से पूर्व पारिवारिक रिश्तों को विभिन्न माध्यमों से स्पष्ट करना चाहिए तत्पश्चात् ही छात्रों को परिवार के स्वरूप के बारे में बताना चाहिए, जिससे सभी प्रकार के बच्चे आसानी से समझ सके जो कि रमा द्वारा नहीं किया गया। अत: यह शिक्षण–अधिगम का समावेशी दृष्टिकोण नहीं है।
C. रमा द्वारा कक्षा–III के छात्रों को परिवार के विभिन्न स्वरूपों को बताने से पूर्व पारिवारिक रिश्तों को विभिन्न माध्यमों से स्पष्ट करना चाहिए तत्पश्चात् ही छात्रों को परिवार के स्वरूप के बारे में बताना चाहिए, जिससे सभी प्रकार के बच्चे आसानी से समझ सके जो कि रमा द्वारा नहीं किया गया। अत: यह शिक्षण–अधिगम का समावेशी दृष्टिकोण नहीं है।