search
Q: ‘‘कंकाल’ एक प्रकार से पाप और पुण्य की समस्या का उपन्यास है।’’ इस कथन के समकक्ष जयशंकर प्रसाद के बाद निम्नलिखित में से किस उपन्यास में इस समस्या को मुख्य रूप से उठाया गया है?
  • A. गोदान
  • B. अमृत और विष’
  • C. नदी के द्वीप’
  • D. ‘चित्रलेखा’
Correct Answer: Option D - व्याख्या : ‘कंकाल’ एक प्रकार से पाप और पुण्य की समस्या का उपन्यास है।’ इस कथन के समकक्ष जयशंकर प्रसाद के बाद भगवती चरण वर्मा ने अपने उपन्यास ‘चित्रलेखा’ में इस समस्या को मुख्य रूप से उठाया है। ‘चित्रलेखा’ उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं- बीजगुप्त, कुमार गिरि, चाणक्य, चित्रलेखा।
D. व्याख्या : ‘कंकाल’ एक प्रकार से पाप और पुण्य की समस्या का उपन्यास है।’ इस कथन के समकक्ष जयशंकर प्रसाद के बाद भगवती चरण वर्मा ने अपने उपन्यास ‘चित्रलेखा’ में इस समस्या को मुख्य रूप से उठाया है। ‘चित्रलेखा’ उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं- बीजगुप्त, कुमार गिरि, चाणक्य, चित्रलेखा।

Explanations:

व्याख्या : ‘कंकाल’ एक प्रकार से पाप और पुण्य की समस्या का उपन्यास है।’ इस कथन के समकक्ष जयशंकर प्रसाद के बाद भगवती चरण वर्मा ने अपने उपन्यास ‘चित्रलेखा’ में इस समस्या को मुख्य रूप से उठाया है। ‘चित्रलेखा’ उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं- बीजगुप्त, कुमार गिरि, चाणक्य, चित्रलेखा।