Correct Answer:
Option C - महाकवि कालिदास कृत `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के चतुर्थ अङ्क में शकुन्तला के शाप का वर्णन है। शकुन्तला को दुर्वासा ऋषि यथोचित अतिथि सत्कार न करने पर शाप देते हैं कि जिसका स्मरण करती हुई तू मुझ आये हुए तपस्वी की ओर ध्यान नहीं दे रही है, वह तुझे भूल जायेगा और याद दिलाने पर भी तुझे नहीं पहचानेगा।
C. महाकवि कालिदास कृत `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के चतुर्थ अङ्क में शकुन्तला के शाप का वर्णन है। शकुन्तला को दुर्वासा ऋषि यथोचित अतिथि सत्कार न करने पर शाप देते हैं कि जिसका स्मरण करती हुई तू मुझ आये हुए तपस्वी की ओर ध्यान नहीं दे रही है, वह तुझे भूल जायेगा और याद दिलाने पर भी तुझे नहीं पहचानेगा।