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Q: ‘कोई कमाए कोई खाए’, इसके अर्थ को दर्शाती सही लोकोक्ति निम्न में से कौन-सी है?
  • A. खरी मजूरी चोखा काम
  • B. अंधा पीसे कुत्ता खाये
  • C. घर की मुर्गी दाल बराबर
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - ‘कोई कमाए कोई खाए’ इस अर्थ को दर्शाने वाली लोकोक्ति है– ‘अंधा पीसे कुत्ता खाये’। ‘खरी मजूरी चोखा काम’ का अर्थ होता है– ‘अच्छा निवेश करने से काम अच्छा होता है’। ‘घर की मुर्गी दाल बराबर’ का अर्थ होता है– ‘अपनी चीज या अपने आदमी की कद्र नहीं होती’। इसी तरह ‘चट मँगनी पट ब्याह’ का अर्थ होता है– ‘तत्काल कार्य का होना’।
B. ‘कोई कमाए कोई खाए’ इस अर्थ को दर्शाने वाली लोकोक्ति है– ‘अंधा पीसे कुत्ता खाये’। ‘खरी मजूरी चोखा काम’ का अर्थ होता है– ‘अच्छा निवेश करने से काम अच्छा होता है’। ‘घर की मुर्गी दाल बराबर’ का अर्थ होता है– ‘अपनी चीज या अपने आदमी की कद्र नहीं होती’। इसी तरह ‘चट मँगनी पट ब्याह’ का अर्थ होता है– ‘तत्काल कार्य का होना’।

Explanations:

‘कोई कमाए कोई खाए’ इस अर्थ को दर्शाने वाली लोकोक्ति है– ‘अंधा पीसे कुत्ता खाये’। ‘खरी मजूरी चोखा काम’ का अर्थ होता है– ‘अच्छा निवेश करने से काम अच्छा होता है’। ‘घर की मुर्गी दाल बराबर’ का अर्थ होता है– ‘अपनी चीज या अपने आदमी की कद्र नहीं होती’। इसी तरह ‘चट मँगनी पट ब्याह’ का अर्थ होता है– ‘तत्काल कार्य का होना’।