Correct Answer:
Option A - माता-पिता तथा अध्यापकों को बालकों के संवेगात्मक व्यवहार का अध्ययन करके उनका उचित मार्गदर्शन करना चाहिए। शिक्षा के द्वारा अवांछित संवेगों को नियंत्रित करने तथा वांछित संवेगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किये जाने चाहिए। सोधन, अध्यव्यवसाय तथा रेचन के द्वारा संवेगों को नियंत्रित किया जा सकता है।
A. माता-पिता तथा अध्यापकों को बालकों के संवेगात्मक व्यवहार का अध्ययन करके उनका उचित मार्गदर्शन करना चाहिए। शिक्षा के द्वारा अवांछित संवेगों को नियंत्रित करने तथा वांछित संवेगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किये जाने चाहिए। सोधन, अध्यव्यवसाय तथा रेचन के द्वारा संवेगों को नियंत्रित किया जा सकता है।