Correct Answer:
Option D - कबीर के गुरु का नाम रामानन्द था। मुस्लिम परम्परा में ‘शेखतकी’ को कबीर का गुरू माना जाता है। कबीर की वाणियों का संग्रह ‘बीजक’ में संकलित करने का श्रेय उनके शिष्य धर्मदास को है। बीजक तीन भागों में विभक्त है। (a) साखी (b) सबद (c) रमैनी। रमैनी और सबद गेय पदो में है, साखी दोहा में है।
D. कबीर के गुरु का नाम रामानन्द था। मुस्लिम परम्परा में ‘शेखतकी’ को कबीर का गुरू माना जाता है। कबीर की वाणियों का संग्रह ‘बीजक’ में संकलित करने का श्रेय उनके शिष्य धर्मदास को है। बीजक तीन भागों में विभक्त है। (a) साखी (b) सबद (c) रमैनी। रमैनी और सबद गेय पदो में है, साखी दोहा में है।