search
Q: ...............के ऐतिहासिक मामले में वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 की धारा 2 के तहत ‘‘वन भूमि’’ शब्द की व्याख्या भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न केवल ‘‘वन’’ को शामिल करने के लिए की गई थी, जैसा कि शब्दकोश अर्थ में समझा जाता है, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में उनके स्वामित्व की परवाह किए बिना वन के रूप में दर्ज किए गए सभी क्षेत्रों को शामिल करने के लिए की गई थी।
  • A. बी.एल. वढेरा बनाम भारत संघ
  • B. रूरल लिटिगेशन एंड एन्टाइटिलमेंट केंद्र बनाम उत्तर प्रदेश राज्य
  • C. एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ
  • D. टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुलपाद बनाम भारत संघ
Correct Answer: Option D - टी.एन. गोदावर्मन थिरूमुलपाद बनाम भारत संघ के ऐतिहासिक मामले में वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 की धारा 2 के तहत ‘वन भूमि’ शब्द की व्याख्या भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न केवल ‘वन’ को शामिल करने के लिए की गई थी, जैसा कि शब्दकोश अर्थ में समझा जाता है बल्कि सरकारी रिकार्ड में उनके स्वामित्व की परवाह किए बिना वन के रूप में दर्ज किए गए सभी क्षेत्रों को शामिल करने के लिए की गई थी।
D. टी.एन. गोदावर्मन थिरूमुलपाद बनाम भारत संघ के ऐतिहासिक मामले में वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 की धारा 2 के तहत ‘वन भूमि’ शब्द की व्याख्या भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न केवल ‘वन’ को शामिल करने के लिए की गई थी, जैसा कि शब्दकोश अर्थ में समझा जाता है बल्कि सरकारी रिकार्ड में उनके स्वामित्व की परवाह किए बिना वन के रूप में दर्ज किए गए सभी क्षेत्रों को शामिल करने के लिए की गई थी।

Explanations:

टी.एन. गोदावर्मन थिरूमुलपाद बनाम भारत संघ के ऐतिहासिक मामले में वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 की धारा 2 के तहत ‘वन भूमि’ शब्द की व्याख्या भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न केवल ‘वन’ को शामिल करने के लिए की गई थी, जैसा कि शब्दकोश अर्थ में समझा जाता है बल्कि सरकारी रिकार्ड में उनके स्वामित्व की परवाह किए बिना वन के रूप में दर्ज किए गए सभी क्षेत्रों को शामिल करने के लिए की गई थी।