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Q: ‘जीवैषणा’ का सही संधि-विच्छेद कीजिए।
  • A. जीव + ऐषणा
  • B. जीव + एषणा
  • C. जीवै + षणा
  • D. जीव + एैषणा
Correct Answer: Option B - ‘जीवैषणा’ का सही संधि-विच्छेद जीव + एषणा है। यह वृद्धि संधि का उदाहरण है। जब अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो दोनों के मेल से ‘ऐ’ हो जाता है और अ या आ के पश्चात् ओ या औ आये तो दोनों के मेल से ‘औ’ हो जाता है, यथा- एक + एक • एकैक, मत + ऐक्य = मतैक्य, सदा + एव = सदैव, महा + ऐश्वर्य = महैश्वर्य, परम + ओज = परमौज, देव + औदार्य = देवौदार्य, महा + ओज = महौज, महा + औषध = महौषध आदि।
B. ‘जीवैषणा’ का सही संधि-विच्छेद जीव + एषणा है। यह वृद्धि संधि का उदाहरण है। जब अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो दोनों के मेल से ‘ऐ’ हो जाता है और अ या आ के पश्चात् ओ या औ आये तो दोनों के मेल से ‘औ’ हो जाता है, यथा- एक + एक • एकैक, मत + ऐक्य = मतैक्य, सदा + एव = सदैव, महा + ऐश्वर्य = महैश्वर्य, परम + ओज = परमौज, देव + औदार्य = देवौदार्य, महा + ओज = महौज, महा + औषध = महौषध आदि।

Explanations:

‘जीवैषणा’ का सही संधि-विच्छेद जीव + एषणा है। यह वृद्धि संधि का उदाहरण है। जब अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो दोनों के मेल से ‘ऐ’ हो जाता है और अ या आ के पश्चात् ओ या औ आये तो दोनों के मेल से ‘औ’ हो जाता है, यथा- एक + एक • एकैक, मत + ऐक्य = मतैक्य, सदा + एव = सदैव, महा + ऐश्वर्य = महैश्वर्य, परम + ओज = परमौज, देव + औदार्य = देवौदार्य, महा + ओज = महौज, महा + औषध = महौषध आदि।