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Q: ‘मैं रथ का टूटा हुआ पहिया हूँ लेकिन मुझे फेंको मत’- ये किस कवि की पंक्तियाँ हैं?
  • A. धर्मवीर भारती
  • B. कुंवरनारायण
  • C. नरेश मेहता
  • D. सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
Correct Answer: Option A - ‘मैं रथ का टूटा हुआ पहिया हूँ लेकिन मुझे फेंको मत’- ये पंक्तियाँ ‘धर्मवीर भारती’ की हैं। धर्मवीर भारतीय की रचनाएँ हैं– 1. ठण्डा लोहा 2. अंधा युग 3. कनुप्रिया 4. सात गीत वर्ष 5. देशान्तर
A. ‘मैं रथ का टूटा हुआ पहिया हूँ लेकिन मुझे फेंको मत’- ये पंक्तियाँ ‘धर्मवीर भारती’ की हैं। धर्मवीर भारतीय की रचनाएँ हैं– 1. ठण्डा लोहा 2. अंधा युग 3. कनुप्रिया 4. सात गीत वर्ष 5. देशान्तर

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‘मैं रथ का टूटा हुआ पहिया हूँ लेकिन मुझे फेंको मत’- ये पंक्तियाँ ‘धर्मवीर भारती’ की हैं। धर्मवीर भारतीय की रचनाएँ हैं– 1. ठण्डा लोहा 2. अंधा युग 3. कनुप्रिया 4. सात गीत वर्ष 5. देशान्तर