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Q: जिस समास में सब पद अथवा उनका समाहार प्रधान रहता है उसे क्या कहते हैं।
  • A. बहुब्रीहि समास
  • B. तत्पुरुष समास
  • C. द्वन्द्व समास
  • D. द्विगु समास
Correct Answer: Option C - जिस समाज में सब पद (दोनों पद) अथवा उनका समाहार प्रधान रहता है उसे द्वंद्व समास कहते हैं। अन्य विकल्पों की परिभाषा इस प्रकार हैं– बहुव्रीहि समास– इस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता; दोनों पद मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं; जैसे– पीताम्बर-पीला वस्त्र धारण करने वाले अर्थात् श्रीकृष्ण द्विगु समास– जिस समास का प्रथम पद संख्यावाचक और अन्तिम पद संज्ञा हो, उसे द्विगु समास कहते हैं; जैसे– दोपहर, नवरत्न, पंचवटी इत्यादि। तत्पुरुष समास– जिस समास का उत्तर अर्थात् अन्तिम पद प्रधान हो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं; जैसे– सुखप्राप्त, गननचुम्बी, पदच्युत, कविश्रेष्ठ इत्यादि।
C. जिस समाज में सब पद (दोनों पद) अथवा उनका समाहार प्रधान रहता है उसे द्वंद्व समास कहते हैं। अन्य विकल्पों की परिभाषा इस प्रकार हैं– बहुव्रीहि समास– इस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता; दोनों पद मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं; जैसे– पीताम्बर-पीला वस्त्र धारण करने वाले अर्थात् श्रीकृष्ण द्विगु समास– जिस समास का प्रथम पद संख्यावाचक और अन्तिम पद संज्ञा हो, उसे द्विगु समास कहते हैं; जैसे– दोपहर, नवरत्न, पंचवटी इत्यादि। तत्पुरुष समास– जिस समास का उत्तर अर्थात् अन्तिम पद प्रधान हो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं; जैसे– सुखप्राप्त, गननचुम्बी, पदच्युत, कविश्रेष्ठ इत्यादि।

Explanations:

जिस समाज में सब पद (दोनों पद) अथवा उनका समाहार प्रधान रहता है उसे द्वंद्व समास कहते हैं। अन्य विकल्पों की परिभाषा इस प्रकार हैं– बहुव्रीहि समास– इस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता; दोनों पद मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं; जैसे– पीताम्बर-पीला वस्त्र धारण करने वाले अर्थात् श्रीकृष्ण द्विगु समास– जिस समास का प्रथम पद संख्यावाचक और अन्तिम पद संज्ञा हो, उसे द्विगु समास कहते हैं; जैसे– दोपहर, नवरत्न, पंचवटी इत्यादि। तत्पुरुष समास– जिस समास का उत्तर अर्थात् अन्तिम पद प्रधान हो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं; जैसे– सुखप्राप्त, गननचुम्बी, पदच्युत, कविश्रेष्ठ इत्यादि।