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Q: जीन पियाजे द्वारा परिभाषित चरण जिसमें ज्ञानात्मक विकास की शुरुआत शिशु द्वारा अपनी संवेदना (विवेक) एवं गतिविधियों का इस्तेमाल दुनिया को समझने के साथ होती है, कहलाता है?
  • A. संवेदी मोटर अवस्था
  • B. संचालन पूर्व अवस्था
  • C. साकार (मूर्त) अवस्था
  • D. इनमें कोई नहीं।
Correct Answer: Option A - पियाजे ने मानव के संज्ञानात्मक विकास को चार स्तरों में बाँटा है। प्रथम स्तर जिसे संवेदी गामक अवस्था या संवेदी मोटर अवस्था (0-2 वर्ष तक) कहते है। इसमें बालक अपनी संवेदना एवं गतिविधियों का इस्तेमाल करने लगता है। अपने भावों को अभिव्यक्त करने तथा दूसरों को समझने के लिए प्रयास करने लगता है।
A. पियाजे ने मानव के संज्ञानात्मक विकास को चार स्तरों में बाँटा है। प्रथम स्तर जिसे संवेदी गामक अवस्था या संवेदी मोटर अवस्था (0-2 वर्ष तक) कहते है। इसमें बालक अपनी संवेदना एवं गतिविधियों का इस्तेमाल करने लगता है। अपने भावों को अभिव्यक्त करने तथा दूसरों को समझने के लिए प्रयास करने लगता है।

Explanations:

पियाजे ने मानव के संज्ञानात्मक विकास को चार स्तरों में बाँटा है। प्रथम स्तर जिसे संवेदी गामक अवस्था या संवेदी मोटर अवस्था (0-2 वर्ष तक) कहते है। इसमें बालक अपनी संवेदना एवं गतिविधियों का इस्तेमाल करने लगता है। अपने भावों को अभिव्यक्त करने तथा दूसरों को समझने के लिए प्रयास करने लगता है।