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Q: जीन पियाजे के अनुसार, प्रारूप (स्कीमा) निर्माण वर्तमान योजनाओं के अनुरूप बनाने हेतु नवीन जानकारी में संशोधन और नवीन जानकारी के आधार पर पुरानी योजनाओं में संशोधन के परिणाम के रूप में घटित होता है। इन दो प्रक्रियाओं को जाना जाता है–
  • A. समावेशन और अनुकूलन के रूप में
  • B. साम्यीकरण और संशोधन के रूप में
  • C. समावेशन और समायोजन के रूप में
  • D. समायोजन और अनुकूलन के रूप में
Correct Answer: Option C - जीन पियाजे ने अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में प्रारूप निर्माण के सम्बन्ध में दो बाते कहीं है– पहला समावेशन (Assimilation) तथा दूसरा समायोजन (Accomodation) समावेशन से तात्पर्य नवीन अनुभवों को पूर्ववर्ती विद्यमान बौद्धिक संरचनाओं में यथावत् व्यवस्थित करने से है जबकि समायोजन से तात्पर्य नवीन अनुभवों की दृष्टि से पूर्ववर्ती बौद्धिक संरचनाओं में सुधार करने विस्तार या परिवर्तन करने से है।
C. जीन पियाजे ने अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में प्रारूप निर्माण के सम्बन्ध में दो बाते कहीं है– पहला समावेशन (Assimilation) तथा दूसरा समायोजन (Accomodation) समावेशन से तात्पर्य नवीन अनुभवों को पूर्ववर्ती विद्यमान बौद्धिक संरचनाओं में यथावत् व्यवस्थित करने से है जबकि समायोजन से तात्पर्य नवीन अनुभवों की दृष्टि से पूर्ववर्ती बौद्धिक संरचनाओं में सुधार करने विस्तार या परिवर्तन करने से है।

Explanations:

जीन पियाजे ने अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में प्रारूप निर्माण के सम्बन्ध में दो बाते कहीं है– पहला समावेशन (Assimilation) तथा दूसरा समायोजन (Accomodation) समावेशन से तात्पर्य नवीन अनुभवों को पूर्ववर्ती विद्यमान बौद्धिक संरचनाओं में यथावत् व्यवस्थित करने से है जबकि समायोजन से तात्पर्य नवीन अनुभवों की दृष्टि से पूर्ववर्ती बौद्धिक संरचनाओं में सुधार करने विस्तार या परिवर्तन करने से है।