Correct Answer:
Option D - जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे ज्ञान को सक्रिय रूप से संरचित करते हैं, वे दुनिया में व्यवहार कौशल का प्रयोग करते हैं तथा अन्वेषण करते हैं। पियाजे के अनुसार बालकों में वास्तविकता के स्वरूप में चिंतन करने, उसकी खोज करने, उसके बारे में समझ बनाने तथा उनके बारे में सूचनाएँ एकत्रित करने की क्षमता, बालक के परिपक्वता स्तर तथा बालक के अनुभवों की पारस्परिक अंत:क्रिया द्वारा निर्धारित होती है। बालक अपने विश्व की ज्ञान रचना में ‘स्कीमा’ का प्रयोग करता है।
D. जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे ज्ञान को सक्रिय रूप से संरचित करते हैं, वे दुनिया में व्यवहार कौशल का प्रयोग करते हैं तथा अन्वेषण करते हैं। पियाजे के अनुसार बालकों में वास्तविकता के स्वरूप में चिंतन करने, उसकी खोज करने, उसके बारे में समझ बनाने तथा उनके बारे में सूचनाएँ एकत्रित करने की क्षमता, बालक के परिपक्वता स्तर तथा बालक के अनुभवों की पारस्परिक अंत:क्रिया द्वारा निर्धारित होती है। बालक अपने विश्व की ज्ञान रचना में ‘स्कीमा’ का प्रयोग करता है।