Correct Answer:
Option C - फ्लाईऐश ताप विद्युत संयंत्रों में कोल के दहन से उत्पन्न प्रदूषक हैं जिनमें सिलिकान डाईऑक्साइड, एल्यूमीनियम सिलिकेट और कैल्शियम के ऑक्साइड की पर्याप्त मात्रा होती है। इसमें आर्सेनिक, कोबाल्ट, सीसा तथा कॉपर जैसी जहरीली धातुओं के कण भी पाये जाते हैं, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक हैं। यह जीवों में श्वसन तंत्र रोग तथा पौधों की पत्तियों पर जमा होकर प्रकाश संश्लेषण को बाधित करती है, जिससे पौधों की वृद्धि बाधित होती है तथा वायु गुणवत्ता का ह्रास होता है।
C. फ्लाईऐश ताप विद्युत संयंत्रों में कोल के दहन से उत्पन्न प्रदूषक हैं जिनमें सिलिकान डाईऑक्साइड, एल्यूमीनियम सिलिकेट और कैल्शियम के ऑक्साइड की पर्याप्त मात्रा होती है। इसमें आर्सेनिक, कोबाल्ट, सीसा तथा कॉपर जैसी जहरीली धातुओं के कण भी पाये जाते हैं, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक हैं। यह जीवों में श्वसन तंत्र रोग तथा पौधों की पत्तियों पर जमा होकर प्रकाश संश्लेषण को बाधित करती है, जिससे पौधों की वृद्धि बाधित होती है तथा वायु गुणवत्ता का ह्रास होता है।