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Q: जैन लघु चित्रों की विशेषता है :
  • A. प्रतिकृति चित्रण
  • B. बौनी आकृतियाँ
  • C. पशु-पक्षी चित्रण
  • D. परली आँख का दिखाना
Correct Answer: Option D - जैन लघु चित्रों में मानवाकृतियाँ सवाचश्म की हैं और एक ही ढंग से बनी हैं। इनकी नाक अनुपात में अधिक लम्बी, नुकीली व आँख परली व गाल की सीमा रेखा से आगे निकली बनाई गई है।
D. जैन लघु चित्रों में मानवाकृतियाँ सवाचश्म की हैं और एक ही ढंग से बनी हैं। इनकी नाक अनुपात में अधिक लम्बी, नुकीली व आँख परली व गाल की सीमा रेखा से आगे निकली बनाई गई है।

Explanations:

जैन लघु चित्रों में मानवाकृतियाँ सवाचश्म की हैं और एक ही ढंग से बनी हैं। इनकी नाक अनुपात में अधिक लम्बी, नुकीली व आँख परली व गाल की सीमा रेखा से आगे निकली बनाई गई है।