Correct Answer:
Option D - जैन लघु चित्रों में मानवाकृतियाँ सवाचश्म की हैं और एक ही ढंग से बनी हैं। इनकी नाक अनुपात में अधिक लम्बी, नुकीली व आँख परली व गाल की सीमा रेखा से आगे निकली बनाई गई है।
D. जैन लघु चित्रों में मानवाकृतियाँ सवाचश्म की हैं और एक ही ढंग से बनी हैं। इनकी नाक अनुपात में अधिक लम्बी, नुकीली व आँख परली व गाल की सीमा रेखा से आगे निकली बनाई गई है।