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Q: जालियाँवाला बाग नरसंहार की जाँच हेतु गठित बॉर्डर इंक्वायरी कमेटी (हण्टर कमेटी) में किस भारतीय को स्थान मिला था?
  • A. सर चिमनलाल हरिलाल सीतलवाड़
  • B. पंडित जगत नारायण
  • C. सुल्तान अहमद खान
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - 1919 में प्रस्तावित रॉलट एक्ट के खिलाफ लोग अमृतसर के जलियाँवाला बाग के मैदान में एकत्रित हुए थे। 13 अप्रैल को जनरल डायर ने इन निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियाँ चला दी जिससे हजारों लोग मारे गए। सरकार ने इसकी जाँच के लिए लॉर्ड विलियम हण्टर की अध्यक्षता में हण्टर कमेटी का गठन किया था। हण्टर कमेटी के आठ सदस्यों में से 5 अंग्रेज थे जबकि तीन भारतीय (सर चिमनलाल हरिलाल सीतलवाड़, साहबजादा सुल्तान अहमद तथा जगत नारायण) थे। भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ने इस घटना की जाँच के लिए मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में एक आयोग का गठन किया था।
D. 1919 में प्रस्तावित रॉलट एक्ट के खिलाफ लोग अमृतसर के जलियाँवाला बाग के मैदान में एकत्रित हुए थे। 13 अप्रैल को जनरल डायर ने इन निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियाँ चला दी जिससे हजारों लोग मारे गए। सरकार ने इसकी जाँच के लिए लॉर्ड विलियम हण्टर की अध्यक्षता में हण्टर कमेटी का गठन किया था। हण्टर कमेटी के आठ सदस्यों में से 5 अंग्रेज थे जबकि तीन भारतीय (सर चिमनलाल हरिलाल सीतलवाड़, साहबजादा सुल्तान अहमद तथा जगत नारायण) थे। भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ने इस घटना की जाँच के लिए मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में एक आयोग का गठन किया था।

Explanations:

1919 में प्रस्तावित रॉलट एक्ट के खिलाफ लोग अमृतसर के जलियाँवाला बाग के मैदान में एकत्रित हुए थे। 13 अप्रैल को जनरल डायर ने इन निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियाँ चला दी जिससे हजारों लोग मारे गए। सरकार ने इसकी जाँच के लिए लॉर्ड विलियम हण्टर की अध्यक्षता में हण्टर कमेटी का गठन किया था। हण्टर कमेटी के आठ सदस्यों में से 5 अंग्रेज थे जबकि तीन भारतीय (सर चिमनलाल हरिलाल सीतलवाड़, साहबजादा सुल्तान अहमद तथा जगत नारायण) थे। भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ने इस घटना की जाँच के लिए मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में एक आयोग का गठन किया था।