Correct Answer:
Option B - जय प्रकाश नारायण ने सम्पूर्ण क्रान्ति का प्रतिपादन किया था। यह एक अहिंसात्मक क्रांति थी जिसका उद्देश्य व्यक्ति व समाज में परिवर्तन कर विद्यमान विकृत व्यवस्था की जगह सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक व्यवस्थाओं को नवीन रूप देना था। जे० पी० नारायण ने 1974 में इस सम्पूर्ण क्रान्ति के विचार का प्रयोग लोगों को प्रेरित करने के लिए किया ताकि सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में फैली गंदगी को साफ किया जा सके तथा नई व्यवस्था स्थापित की जा सके।
B. जय प्रकाश नारायण ने सम्पूर्ण क्रान्ति का प्रतिपादन किया था। यह एक अहिंसात्मक क्रांति थी जिसका उद्देश्य व्यक्ति व समाज में परिवर्तन कर विद्यमान विकृत व्यवस्था की जगह सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक व्यवस्थाओं को नवीन रूप देना था। जे० पी० नारायण ने 1974 में इस सम्पूर्ण क्रान्ति के विचार का प्रयोग लोगों को प्रेरित करने के लिए किया ताकि सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में फैली गंदगी को साफ किया जा सके तथा नई व्यवस्था स्थापित की जा सके।