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Q: जहाजो की गति में वृद्धि ................पर आधारित है।
  • A. आर्किमिडीज का सिद्धांत
  • B. फैराडे नियम
  • C. फ्लेमिंग राईट हैण्ड रूल
  • D. न्यूटन के गति का दूसरा नियम
Correct Answer: Option A - जहाजों (Ships) की गति में वृद्धि आर्किमिडीज के सिद्धान्त पर आधारित है, जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उसके भार में आभासी कमी होती है, भार में यह आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होती है, इसे आर्किमिडीज का सिद्धान्त कहते है। फैराडे का नियम– विद्युत परिपथ से सम्बंधित है। फ्लेमिंग राइट हैण्ड रूल : प्रेरित विद्युतधारा से सम्बन्धित। न्यूटन के गति का दूसरा नियम– किसी वस्तु पर लगा बल उस वस्तु संवेग में परिवर्तन की दर के बराबर होता है।
A. जहाजों (Ships) की गति में वृद्धि आर्किमिडीज के सिद्धान्त पर आधारित है, जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उसके भार में आभासी कमी होती है, भार में यह आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होती है, इसे आर्किमिडीज का सिद्धान्त कहते है। फैराडे का नियम– विद्युत परिपथ से सम्बंधित है। फ्लेमिंग राइट हैण्ड रूल : प्रेरित विद्युतधारा से सम्बन्धित। न्यूटन के गति का दूसरा नियम– किसी वस्तु पर लगा बल उस वस्तु संवेग में परिवर्तन की दर के बराबर होता है।

Explanations:

जहाजों (Ships) की गति में वृद्धि आर्किमिडीज के सिद्धान्त पर आधारित है, जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उसके भार में आभासी कमी होती है, भार में यह आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होती है, इसे आर्किमिडीज का सिद्धान्त कहते है। फैराडे का नियम– विद्युत परिपथ से सम्बंधित है। फ्लेमिंग राइट हैण्ड रूल : प्रेरित विद्युतधारा से सम्बन्धित। न्यूटन के गति का दूसरा नियम– किसी वस्तु पर लगा बल उस वस्तु संवेग में परिवर्तन की दर के बराबर होता है।