Correct Answer:
Option B - • जोगीमारा गुफा ‘छत्तीसगढ़ के सरगुजा रियासत’ (जिसे 10वीं शताब्दी में ‘डंडोर’ तथा रामायण काल में ‘झारखंड’ कहा जाता था) में स्थित है।
• जोगीमारा गुफा ‘अमरनाथ नामक स्थान’ पर ‘नर्मदा नदी’ के उद्गम स्थल ‘रामगढ़ की पहाडि़यों’ पर स्थित है।
• जोगीमारा गुफा में दो गुफाएँ हैं– ‘सीता बोंगरा’ (सीता लांगड़ा), ‘जोगीमारा’, सीता बोंगरा गुफा प्रेक्षागार (नाट्यशाला) थी।
• जोगीमारा गुफा के चित्रों पर ‘जैन धर्म का प्रभाव’ है।
• जोगीमारा गुफा के संबंध में एक महत्वपूर्ण रहस्य यह है कि असली चित्रों के ऊपर सफेद रंग पोत कर पुराने चित्रों को पुन: बनाने का अपरिपक्व एवं अकुशल हाथों से प्रयास किया गया है।
• जोगीमारा गुफा के चित्रों में बौनों जैसी आकृतियाँ साँची एवं भरहुत से मिलती-जुलती है।
• मूल चित्र के दबे होने से जोगीमारा गुफा के असली चित्रों का सौंदर्य का आनन्द प्राप्त नहीं हो पाया है।
B. • जोगीमारा गुफा ‘छत्तीसगढ़ के सरगुजा रियासत’ (जिसे 10वीं शताब्दी में ‘डंडोर’ तथा रामायण काल में ‘झारखंड’ कहा जाता था) में स्थित है।
• जोगीमारा गुफा ‘अमरनाथ नामक स्थान’ पर ‘नर्मदा नदी’ के उद्गम स्थल ‘रामगढ़ की पहाडि़यों’ पर स्थित है।
• जोगीमारा गुफा में दो गुफाएँ हैं– ‘सीता बोंगरा’ (सीता लांगड़ा), ‘जोगीमारा’, सीता बोंगरा गुफा प्रेक्षागार (नाट्यशाला) थी।
• जोगीमारा गुफा के चित्रों पर ‘जैन धर्म का प्रभाव’ है।
• जोगीमारा गुफा के संबंध में एक महत्वपूर्ण रहस्य यह है कि असली चित्रों के ऊपर सफेद रंग पोत कर पुराने चित्रों को पुन: बनाने का अपरिपक्व एवं अकुशल हाथों से प्रयास किया गया है।
• जोगीमारा गुफा के चित्रों में बौनों जैसी आकृतियाँ साँची एवं भरहुत से मिलती-जुलती है।
• मूल चित्र के दबे होने से जोगीमारा गुफा के असली चित्रों का सौंदर्य का आनन्द प्राप्त नहीं हो पाया है।