Correct Answer:
Option D - जब शिक्षक को विद्यार्थियों एवं उनकी योग्यताओं के बारे में सकारात्मक विश्वास होता है तब विद्यार्थी सीखने के लिए उत्सुक एवं प्रेरित रहते हैं। वर्तमान बाल केन्द्रित शिक्षा में बालकों के अनुभवों, विचारों, जिज्ञासा, उनकी वैयक्तिक भिन्नता आदि को महत्वपूर्ण माना जाता है तथा कक्षा-शिक्षण में इनका शैक्षिक संसाधन के रूप में प्रयोग भी किया जाता है। इसीलिए शिक्षक को उनकी योग्यताओं, कार्यों, अनुभवों आदि पर विश्वास व्यक्त करना चाहिए ताकि उनमें हीनता, कुण्ठा, अपमान जैसी भावना का विकास न हो और वे सीखने के लिए उत्सुक व प्रेरित हों।
D. जब शिक्षक को विद्यार्थियों एवं उनकी योग्यताओं के बारे में सकारात्मक विश्वास होता है तब विद्यार्थी सीखने के लिए उत्सुक एवं प्रेरित रहते हैं। वर्तमान बाल केन्द्रित शिक्षा में बालकों के अनुभवों, विचारों, जिज्ञासा, उनकी वैयक्तिक भिन्नता आदि को महत्वपूर्ण माना जाता है तथा कक्षा-शिक्षण में इनका शैक्षिक संसाधन के रूप में प्रयोग भी किया जाता है। इसीलिए शिक्षक को उनकी योग्यताओं, कार्यों, अनुभवों आदि पर विश्वास व्यक्त करना चाहिए ताकि उनमें हीनता, कुण्ठा, अपमान जैसी भावना का विकास न हो और वे सीखने के लिए उत्सुक व प्रेरित हों।